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बातचीत गाइड

हर कहानी के बाद 5 मिनट की बातचीत। सवाल पूछें, जवाब सुनें, और कोई जवाब "गलत" न कहें। बच्चे का सोचना ही असली सीख है।

कहानी 1: ध्रुव तारा

बहुत पहले, जब आसमान बिल्कुल खाली था, उसमें एक अकेला तारा था जो कभी अपनी जगह नहीं छोड़ता था। कहानी पढ़ें

पूछने के सवाल

  1. ध्रुव तारे को "ध्रुव" क्यों कहते हैं?
  2. ध्रुव बाबा की सफ़ेद रोशनी में कौन सा राज़ छिपा था?
  3. तुम्हें क्या लगता है, धरती पर टिमटिमाई वह गरम रोशनी क्या थी?
  4. तुम किस काम में ध्रुव तारे की तरह अटल रहना चाहोगे?

घर में करने के लिए

आज रात किसी बड़े के साथ छत या खुली जगह पर जाकर उत्तर दिशा में ध्रुव तारा ढूँढने की कोशिश करें। साइट का "आज रात का आसमान" टूल बताएगा कि आपके शहर से वह कहाँ दिखेगा।

कहानी 2: पहली गोद

धरती पर टिमटिमाई वह रोशनी एक नन्हे बच्चे की थी, और वहीं ध्रुव बाबा ने संसार का सबसे बड़ा नियम सीखा। कहानी पढ़ें

पूछने के सवाल

  1. जब बच्चा रोया, तो उसे किसने चुप कराया?
  2. ध्रुव बाबा की किरण झोंपड़ी के अंदर क्यों नहीं गई?
  3. ध्रुव बाबा ने कौन सा नियम बनाया? इसे अपने शब्दों में बताओ।
  4. तुम्हारे "अपने" कौन-कौन हैं, जिनके साथ तुम कहीं भी जा सकते हो?

घर में करने के लिए

बच्चे के साथ बैठकर एक छोटी सूची बनाएँ: "मेरे अपने", जिसमें सिर्फ़ वे लोग हों जिनके साथ वह कहीं जा सकता है। उसे समझाएँ कि अगर कोई और, चाहे वह जाना-पहचाना ही क्यों न हो, कहीं ले जाना चाहे, तो पहले इन्हीं से पूछना है।

कहानी 3: सात तारे जागे

बच्चे की सात ज़रूरतें देखकर ध्रुव बाबा ने सात रंगों के सात तारे जगाए। यहीं से S7 बना। कहानी पढ़ें

पूछने के सवाल

  1. ध्रुव बाबा की सफ़ेद रोशनी कितने रंगों में बँटी? क्या तुम सारे रंग गिना सकते हो?
  2. तुम्हें आज किस ऋषि की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, और क्यों?
  3. ऋषियों की पक्की पहचान क्या है?
  4. ऋषि हमेशा किसके ज़रिए आते हैं?

घर में करने के लिए

एक काँच के गिलास में पानी भरकर धूप में रखें और सफ़ेद कागज़ पर देखें, या कोई पुरानी CD धूप में घुमाएँ। सफ़ेद रोशनी से बने सात रंग बच्चे को दिखाएँ, बिल्कुल ध्रुव बाबा की रोशनी की तरह।

खेल: असली या छलिया?

यह खेल बच्चे के साथ बैठकर खेलें।

  1. हर हालात पढ़ने के बाद बच्चे से पूछें: "तुम क्या करते?"
  2. छलिया वाले हालात में पूछें: "तुमने किस बात से पहचाना?" (अकेले आना, राज़, जल्दी, लालच, बड़ों से न पूछने देना)
  3. खेल के बाद तय करें कि बच्चा ऐसी बात सबसे पहले किसे बताएगा, और उसका नाम ज़ोर से बुलवाएँ।

यह हिस्सा बड़ों के लिए है

आगे बढ़ने के लिए अपने किसी बड़े को बुलाइए और उनसे यह सवाल हल करवाइए।