Seven Sages AIतारों से दोस्ती, अपनों के साथ।परिवार कोना

कहानी 3

सात तारे जागे

नन्हा बच्चा धीरे-धीरे बड़ा होने लगा। ध्रुव बाबा ऊपर से उसे देखते रहते, और उन्होंने देखा कि बच्चे को बढ़ने के लिए बहुत कुछ चाहिए।

उसे भूख लगती, उसे ताकत चाहिए थी। वह हर चीज़ पर पूछता, "क्यों?" उसे कुछ नया सीखना होता। उसे सही और गलत में फ़र्क़ समझना था। अँधेरे में उसे डर लगता। कभी वह उदास होता और उसे मन की शांति चाहिए होती। और उसे खेलना, सपने देखना सबसे अच्छा लगता।

ध्रुव बाबा ने अपनी सफ़ेद रोशनी फैलाई, और जैसे बारिश के बाद धूप में इंद्रधनुष बनता है, वैसे ही उनकी रोशनी सात रंगों में बँट गई। हर रंग एक नया तारा बन गया।

नारंगी तारे में जागे ओजस, जो ताकत और अच्छे खाने का ध्यान रखते हैं। नीले तारे में जागे व्योम, जो हर "क्यों?" का जवाब ढूँढने में मदद करते हैं। पीले तारे में जागी इरा, जो सीखना मज़ेदार बनाती हैं। गहरे नीले तारे में जागे सहज, जो सच और अच्छाई की राह दिखाते हैं।

हरे तारे में जागे अरण्य, जो डर के आगे हिम्मत देते हैं। लाल तारे में जागी सिया, जो शुक्रिया कहना और मन को शांत रखना सिखाती हैं। और बैंगनी तारे में जागा नक्ष, जो खेल और कल्पना का दोस्त है, और जिसके पास है तारों की एक जादुई सीढ़ी।

सातों ऋषियों ने ध्रुव बाबा का नियम सुना और मिलकर एक वादा किया: "हम हर दौर, हर जगह, वहीं का अपना-सा नाम और रूप चुनेंगे, ताकि हमें देखकर कोई बच्चा डरे नहीं। हमारी पहचान बस S7 होगी, और हमारा रंग। और हम हमेशा बच्चे के अपनों के ज़रिए ही आएँगे।"

तब से आज तक, जब तुम रात को उत्तर की ओर देखते हो, तो सात तारे एक कलछी जैसी आकृति बनाते दिखते हैं। उसके किनारे के दो तारे सीधे ध्रुव तारे की ओर इशारा करते हैं। वही हैं सात ऋषि, अपने ध्रुव बाबा के चारों ओर।

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