Seven Sages AIतारों से दोस्ती, अपनों के साथ।परिवार कोना

कहानी 2

पहली गोद

ध्रुव बाबा ने जो नन्ही रोशनी देखी थी, वह एक बच्चे की थी। धरती पर पहली बार किसी माँ ने अपने नन्हे बच्चे को गोद में लिया था।

रात ठंडी थी। बच्चा रोने लगा। ध्रुव बाबा का मन हुआ कि वे तुरंत नीचे जाएँ और उसे चुप करा दें। उन्होंने अपनी रोशनी की एक किरण नीचे भेजी।

पर तभी उन्होंने देखा कि माँ ने बच्चे को सीने से लगा लिया। वह धीरे-धीरे झुलाने लगी और एक मीठी-सी लोरी गुनगुनाने लगी। पिता आए और कंबल ओढ़ा दिया। दादी आईं और बच्चे के माथे पर हाथ फेरा।

देखते ही देखते बच्चा चुप हो गया और मुस्कुराकर सो गया।

ध्रुव बाबा की किरण झोंपड़ी की छत तक पहुँची थी, पर वहीं रुक गई। वह अंदर नहीं गई। ध्रुव बाबा समझ गए थे कि बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह उसके अपनों की गोद है।

उस रात ध्रुव बाबा ने संसार का सबसे बड़ा नियम बनाया: "मैं जब भी किसी बच्चे के पास जाऊँगा, उसके अपनों के ज़रिए ही जाऊँगा। माँ, पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या जो उसे पालते हैं, उनके साथ और उनकी हाँ से। कभी अकेले नहीं।"

और यह नियम आज तक नहीं टूटा।

यह हिस्सा बड़ों के लिए है

आगे बढ़ने के लिए अपने किसी बड़े को बुलाइए और उनसे यह सवाल हल करवाइए।